Blog / बम-बम लहरी:महाशिवरात्र
Wednesday, 9 March 2011 at 03:07
बम-बम लहरी,बम-बम लहरी,
तू ही नाशक,तू ही प्रहरी;
—
कैलाश के उत्तुंग शिखर,
तुम खिले पुष्प हम हुए भ्रमर,
तुम पर ही अब दृष्टि ठहरी;
बम-बम लहरी…
—
यह तेरा ही प्रताप है,
मिट गए सब विलाप हैं,
तुझसे भक्ति हुई गहरी…
बम-बम लहरी…
—
तू ही था पहले तू ही बाद,
गूंजा था जब वह शंखनाद,
ताण्डव से सारी सृष्टि सिहरी;
बम-बम लहरी…
—
तू परमब्रह्म, तू रत्नाकर,
तेरी यह प्रेम सुधा पाकर,
धन्य हुई काशी नगरी;
बम-बम लहरीhttp://kashiwasi.jagranjunction.com/2011/03/02...
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Comments 3
surendrashuklabhrama 10 December 2011
कैलाश के उत्तुंग शिखर,
तुम खिले पुष्प हम हुए भ्रमर,
तुम पर ही अब दृष्टि ठहरी;
बम-बम लहरी…
अति सुन्दर
जय जय भोले कशी नाथ
भ्रमर 5
dr_rastogimanoj 19 September 2011
सब पर बना रहे आशीष
यही कामना है प्रभु
baijnathpandey 28 July 2011
बम-बम भोले !
जय शिव-शंकर !!
जय हो डमरुवाले !!!